प्राकृतिक चिकित्सा, ठगी, HIIMS Hospital, जीना सीखो लिमिटेड, आयुर्वेदिक दवाइयां, स्वास्थ्य जागरूकता, सोशल मीडिया ठगी, भ्रामक विज्ञापन, निवेशकों की लूट, मनीष ग्रोवर


आजकल की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहा है और स्वस्थ रहने के लिए विभिन्न उपाय अपनाता है। प्राकृतिक चिकित्सा की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है, लेकिन इसके नाम पर कुछ संस्थान लोगों को भारी मात्रा में ठगने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला HIIMS Hospital से जुड़ा हुआ है, जो प्राकृतिक चिकित्सा के नाम पर लोगों की जेबों पर भारी डाका डाल रहा है।

HIIMS Hospital के विज्ञापनों में प्राकृतिक उपचारों को महंगे और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का एक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन, जब लोग इन उपचारों का लाभ उठाने के लिए आते हैं, तो उन्हें अत्यधिक महंगी दवाइयां और उपचार प्रक्रियाएं दी जाती हैं, जिनकी कीमतें कई बार मामूली आयुर्वेदिक दवाइयों की तुलना में कहीं अधिक होती हैं।

इसके अलावा, ‘जीना सीखो लिमिटेड कंपनी’ जैसे उपक्रमों के माध्यम से भी निवेशकों को लूटने के आरोप हैं। ऐसे धोखाधड़ी के मामलों में अक्सर सोशल मीडिया और टेलीविजन विज्ञापनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो लोगों को भ्रमित करके उन्हें उनकी जरूरत से अधिक महंगे उपचारों के लिए आकर्षित करते हैं।

इन संस्थानों का दावा होता है कि वे गंभीर बीमारियों जैसे किडनी फेल, कैंसर, लीवर फेल, हृदय रोग और डायबिटीज को खत्म करने के समाधान प्रदान करते हैं, लेकिन अक्सर ये सिर्फ दावे होते हैं और लोग इनके झांसे में आकर अपना समय और पैसा दोनों बर्बाद कर देते हैं।

समाज को इस तरह के गोरखधंधे से बचाने के लिए जागरूकता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। लोगों को इस तरह के विज्ञापनों और ऑफर्स पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए और किसी भी उपचार को अपनाने से पहले पूरी तरह से जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए। अगर किसी को इस तरह के फ्रॉड का संदेह हो, तो वे इसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को कर सकते हैं, ताकि इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।