फिल्‍म निर्माता और निदेशक बासु चटर्जी का निधन

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बासु चटर्जी

जाने - माने फिल्‍म निर्माता और निदेशक बासु चटर्जी का निधन हो गया है। वे 93 वर्ष के थे।  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बासु चटर्जी के निधन पर गहरा दुख व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि वे मन को छू लेने वाली संवेदनशील फिल्‍मों के लिए हमेशा याद रखे जाएंगे। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और असंख्‍य प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्‍यक्‍त की है। भारतीय फिल्‍म और टेलीविजन निदेशक संघ के अध्‍यक्ष अशोक पंडित ने कहा कि बासु चटर्जी का जाना पूरे फिल्‍म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मानव मन के सहज चितेरे बासु चटर्जी नहीं रहे। बासु चटर्जी मानवीय संवेदना को स्‍वर देने वाली सहज फिल्‍मों के लिए जाने जाते थे। छोटी सी बात, रजनीगंधा, चितचोर, पिया का घर, शौकीन, खट्टा-मीठा और बातों-बातों में जैसी फिल्‍में दर्शकों के मन पर गहरी पकड़ की उनकी क्षमता का प्रमाण है। बासु दा नहीं है लेकिन उनकी फिल्‍में हमेशा -हमेशा मानव मन की सहज सरल परतों की याद दिलाती रहेंगी।   राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और उप राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू ने फिल्‍म निर्माता बसु चटर्जी के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट कर कहा है कि मनोरंजन जगत ने एक दिव्‍य चरित्र को खो दिया है। उन्‍होंने कहा है कि बसु चटर्जी को खट्टा मीठा, रजनीगंधा जैसी फिल्‍मों और ब्‍योमकेश बक्‍शी तथा रजनी जैसी नाट्य श्रृंखला के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने ट्वीट में कहा है कि बसु चटर्जी ने अपनी फिल्‍मों में शहरी मध्‍यम वर्ग के विभिन्‍न पहलुओं को प्रदर्शित किया। उन्‍होंने कहा कि बसु चटर्जी का निधन फिल्‍म जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है।   सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जाने-माने फिल्म निर्माता बासु चटर्जी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। एक ट्वीट में, जावड़ेकर ने कहा है कि बासु चटर्जी एक महान फिल्म निर्देशक थे और उन्होंने 'बातों बातों में' तथा 'रजनीगंधा' जैसी कई यादगार फिल्मों का निर्देशन किया। सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा कि उनका निधन भारतीय फिल्म उद्योग की बड़ी क्षति है। जावड़ेकर स्‍वर्गीय बासु के परिवार और प्रशंसकों के प्रति समवेदना व्यक्त की।


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