जयपुर के प्राइवेट अस्पताल में हुआ प्रीति के हृदय का निः शुल्क ऑपरेशन


प्रीति


राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मिला नया जीवन

जयपुर :-चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जन्मजात विकृतियों व बीमारियों से ग्रसित बच्चों के लिए वारदान साबित हो रहा है। इसके तहत सीकर जिले के चिकित्सा विभाग ने विकृतियों व बीमारियों से जुझ रहे ऎसे बच्चों को जीवनदान देने में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हृदय के गंभीर रोग से ग्रसित 13 वर्षीय प्रीति अब अन्य बच्चों की तरह खिलखिलाएंगी। गंभीर हृदय रोग से ग्रस्ति होने के कारण थोडी सी भागदौड करने पर प्रीति की सांस फूल जाती थी और वह जल्दी थक भी जाती थी। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि प्रीति की इस बीमारी के कारण माता पिता भी उसके भविष्य को लेकर खासा परेशान थे। खण्डेला क्षेत्र के होद गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्र प्रीति का खण्डेला की आरबीएसके टीम ने स्क्रीनिंग की। उन्होंने बताया कि जून माह में अब तक विभाग की ओर से पांच बच्चों की हृदय संबंधी सर्जरी करवाई जा चुकी है।

चिकित्सकों ने किया ऑपरेशन

आरबीएसके के नोडल अधिकारी एवं जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह ने बताया कि प्रीति का जयपुर के मणिपाल हॉस्पिटल में हृदय का निः शुल्क ऑपरेशन हुआ है। इस तरह का ऑपरेशन करवाने पर करीब तीन से चार लाख रूपए का खर्चा आता है। विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शून्य से 19 साल तक के जन्मजात विकृतियों व बीमारियों से ग्रसित बच्चों का निशुल्क इलाज व ऑपरेशन करवाया जाता है। ऎसे बच्चों का सरकारी व अधिकृत प्राइवेट अस्पतालों में उपचार व ऑपरेशन करवाया जाता है। इलाज व ऑपरेशन का खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय की बीमारी, दिल में छेद, कटे फटे होठ, तालू, मुडे हुए पैर आदि बीमारियां का इलाज होता है।
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