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ओम बिड़ला चुनकर बने 17 वी लोकसभा सत्र के स्पीकर


ओम बिड़ला स्पीकर चुने गए, मोदी खुद उन्हें चेयर तक लेकर आए

  • ओम बिड़ला कोटा-बूंदी से भाजपा सांसद, उन्होंने मंगलवार को नामांकन दाखिल किया था 
  • बिड़ला को संघ की भी पसंद माना जाता है, मोदी और शाह से भी उनके सीधे रिश्ते
नई दिल्ली. भाजपा के ओम बिड़ला 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए। बुधवार को कार्यवाही शुरू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे कई सांसदों ने समर्थन दिया। इसके बाद मोदी खुद उन्हें चेयर तक लेकर आए। कोटा-बूंदी से सांसद बिड़ला ने मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।
3 वजहें, जिनसे ओम इस मुकाम तक पहुंचे

  • संघ, मोदी और शाह के करीब : बिड़ला को संघ की भी पसंद माना जाता है। मोदी और शाह से भी उनके सीधे संबंध हैं। गुजरात व बिहार के प्रभारी भूपेंद्र यादव और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के भी नजदीकी माने जाते हैं। बिड़ला के शाह से रिश्ते उस वक्त मजबूत हुए जब यूपीए सरकार में शाह को गुजरात से बदर किया गया। इसके बाद शाह लंबे समय तक दिल्ली में रहे। 2014 की लोकसभा में ओम बिड़ला को कई समितियों में जगह मिली थी। उन्हें प्राक्कलन समिति, याचिका समिति, ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति और सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया था।
  • सोशल इंजीनियरिंग : ओम बिड़ला को इस पद पर बिठाने के पीछे भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग भी रही है। बिड़ला महाजन तबके से आते हैं। महाजन तबका भाजपा का परंपरागत वोट बैंक रहा है। मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में मध्यप्रदेश की सुमित्रा महाजन को लोकसभा स्पीकर चुना गया था।
  • 25 सीटों का इनाम : इस बार राजस्थान से केंद्र में मंत्रियों की संख्या कम रही। पिछली बार राजस्थान के 6 सांसदाें काे मंत्री बनाया गया था, लेकिन इस बार सिर्फ 3 मंत्री बनाए गए। राज्य ने लगातार दूसरी बार भाजपा काे 25 में से 25 सीटें दी हैं। इस कारण भी यहां के सांसद काे लाेकसभा अध्यक्ष के पद से नवाजा गया है।
10 दिन से चल रही थी तैयारी
बिड़ला को करीब 10 दिन पहले ही पता लग गया था कि उनका नाम लोकसभा स्पीकर के लिए तय किया जा रहा है। लेकिन उन्होंने इसकी किसी को भनक तक नहीं लगने दी। उनके परिवार और स्टाफ में भी एक-दो लोगों को ही यह जानकारी इस हिदायत के साथ दी गई थी कि वे कहीं भी इसकी चर्चा नहीं करें।
2004-08 तक राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव रहे
ओम बिड़ला का जन्म 4 दिसंबर 1962 को कोटा में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्रसंघ चुनाव से की। बिड़ला 2003, 2008 और 2013 यानी तीन बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। 2004 से 2008 तक राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव रहे। वह 6 साल तक अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और फिर भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष रहे। इस बार लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के रामनारायण मीणा को 2,79,677 वाटों से हराया था। उन्हें कुल 8,00,051 वोट मिले थे। कोटा से वे 2014 में भी सांसद चुने गए थे।
5 जुलाई को बजट पेश होगा  
  • 20 जून को राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। इसी दिन राज्यसभा के सत्र की शुरुआत होगी। संसद का यह सत्र 26 जुलाई तक चलेगा।
  • 4 जुलाई: वित्त मंत्रालय का आर्थिक सर्वेक्षण आएगा।
  • 5 जुलाई: पहली बार महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।