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सादड़ी / राजसमंद - बैठक में परशुराम महादेव तीर्थ काे नेशनल पार्क से बाहर निकालने का मुद्दा छाया रहा

बैठक में परशुराम महादेव तीर्थ काे नेशनल पार्क से बाहर निकालने का मुद्दा छाया रहा

सहकारिता तथा राजसमंद जिले के प्रभारी मंत्री उदयलाल आंजना ने राजसमंद में शुक्रवार काे कलेक्ट्रेट सभागार में सभी...

सहकारिता तथा राजसमंद जिले के प्रभारी मंत्री उदयलाल आंजना ने राजसमंद में शुक्रवार काे कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर बिजली, पानी, खेती तथा राशन से जुड़ी जनसमस्याओ सहित सरकारी कामाें की समीक्षा की। बैठक में कुंभलगढ़ के पूर्व विधायक व परशुराम महादेव सेवा मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष गणेशसिंह परमार ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख तीर्थ परशुराम महादेव काे सरकार ने कुम्भलगढ़ नेशनल पार्क में रखने का निर्णय लिया है,जबकि रणकपुर व मुछाला महावीर तीर्थ काे नेशनल पार्क से बाहर निकाल दिया। वहीं रणकपुर की चारदीवारी से लगते सूर्य मन्दिर काे भी नेशनल पार्क में रखा है। परमार ने कहा की हमारी लीगल आपत्तयाें काे खारिज कर दिया। इस पर राजसमन्द कलेक्टर ने परमार काे भराेसा दिलाया कि अपनी आपत्तियाें काे पुन: पेश करे राजसमन्द जिला प्रशासन इस समस्या का सम्मानजनक हल निकालेगा। 

राजसमंद कलेक्टर ने दिया आश्वासन : परमार ने प्रभारी मंत्री काे बैठक में अवगत करवाया कि परशुराम महादेव के पुजारी नवलपुरी गाेस्वामी ने एडवाेकेट बाबू रणजीतसिंह के मार्फत मेवाड़ गर्वमेंन्ट में 29 सितम्बर 1943 काे एक प्रकरण दायर करवाया था। यह वाद करीब तीन साल तक चला तथा 31 जुलाई 1948 में इसका िनर्णय सुनाया गया, जिसमें परशुराम महादेव की उदवाड के आसपास की 23 बीघा भूम परशुराम महादेव की रहेगी। श्रद्धालुओ के आवागमन के लिए फूटा देवल से मारवाड़ तक का रास्ता वन विभाग की सीमा जहां समाप्त हाेती है, वहां तक का रास्ता वन विभाग से बाहर रहेगा तथा रास्ते काे दुरूस्त भी पुजारी परिवार करवा सकेंगे। इस निर्णय के विरूद्ध वन विभाग ने अपर न्यायालय में अपील नहीं की तथा आज भी यह निर्णय कायम है। इस निर्णय के बाद वन विभाग काे इस फैसले की तामिल करवाकर यह भूमि पुजारी परिवार या ट्रस्ट काे सीमांकन के बाद सुपु्र्द करनी थी जाे नहीं की। उन्हाेंने बताया कि परशुराम महादेव मार्ग पर राेडलाइट, सीसी राेड मय सुरक्षा दीवार, पानी की पाइप लाइन, गुफास्थल पर श्रद्धालुओ के ठहरने के लिए धर्मशालाएं भी बना रखी है। परमार ने कहा कि राजसमंद कलेक्टर ने कहा कि वे समस्या का सम्मानजनक हल निकाल देंगे। इस अवसर पर राजसमन्द डीएफओ फतेहसंह राठाैड़, कलेक्टर अरविंद पाेसवाल, कुम्भलगढ के पूर्व विधायक आदि माैजूद थे। 






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