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NHM CHO की भर्ती घोटाले के भेट छड़ी, बिना मंजूरी निकाली भर्तियां, नियुक्ति के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रु. वसूले


NHM CHO की भर्ती घोटाले के भेट छड़ी, बिना मंजूरी निकाली भर्तियां, नियुक्ति के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रु. वसूले

एनएचएम में बिना मंजूरी निकाली भर्तियां, आज पेपर था, नियुक्ति के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रु. वसूले

  • खुलासा उस समय हुआ जब विधायकाें के पास उनके क्षेत्र के लाेग पहुंचे और भर्ती के बारे में जानकारी चाही
  • शुक्रवार को मामला सरकार की जानकारी में आने के बाद आनन-फानन में परीक्षा काे रद्‌द की गई
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में यूपी की तरह राजस्थान में भी बड़ा घोटाला होने जा रहा था। सरकार, मंत्री या एसीएस से लेकर अन्य  किसी स्तर पर जानकारी दिए बिना एनएचएम में कम्युनिटी हैल्थ ऑफिसर के 2500 पदों के लिए भर्ती निकाल दी गई। आज (22 जून) काे परीक्षा भी होनी थी। लेकिन इससे पहले ही शुक्रवार को मामला सरकार की जानकारी में आ गया। इसके बाद आनन-फानन में परीक्षा काे रद्‌द कर दिया गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के एसीएस राेहित कुमार सिंह ने एनएचएम की पूरी एचअार सेल और आरोपी वरिष्ठ सहायक अशाेक भंडारी काे सस्पैंड करने के आदेश भी जारी कर दिए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा में कुल 30 हजार आवेदन आया और कई अभ्यर्थियाें से नियुक्ति देने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रु. भी वसूले गए। बता दें कि कम्युनिटी हैल्थ ऑफिसर पद पर भर्ती के बाद वेतन में 60 फीसदी पैसा केंद्र और 40 फीसदी पैसा राज्य देता है।
भर्ती की जानकारी न मंत्री को, न एसीएस को, पता चला तो दोनों चौंके :
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब अलग-अलग विधायकाें के पास उनके क्षेत्र के लाेग पहुंचे और भर्ती के बारे में जानकारी चाही। विधायकाें ने मंत्री रघु शर्मा से पूछा ताे उन्हें भी इसके बारे में कुछ पता नहीं था। इसके बाद मंत्री ने एसीएस राेहित कुमार सिंह से भर्ती की जानकारी ली। एसीएस काे भी एनएचएम ने भर्ती के बारे में काेई जानकारी नहीं दी हुई थी। एसीएस ने अपने स्तर पर जांच कराई। उन्होंने एनएचएम एमडी और स्पेशल सेक्रेटरी डाॅ. समित शर्मा को बुलाकर पूछताछ की तो भर्ती का राज खुला। 
एमडी डाॅ. समित शर्मा बोले- हां, मैंने निकाली भर्ती, एसीएस ने कैंसिल करा दी
सवाल- क्या आपने अपने स्तर यह भर्ती निकाली थी?
जवाब- हां, वो मामला अब सामने आया, परीक्षा एसीएस साहब ने कैंसिल कर दी है।
सवाल- इस योजना में 40 फीसदी पैसा राज्य का है। आपने भर्ती के लिए सरकार से मंजूरी क्यों नहीं ली?
जवाब- हां, राज्य सरकार 40 फीसदी पैसा देती है। मैंने गलती के लिए एसीएस से माफी मांग ली है।
सवाल- परीक्षा का पेपर आपने बनाया?
जवाब- यह किसने बताया, पेपर बना ही नहीं। 
सवाल- आज तो परीक्षा थी, क्या अब पेपर नहीं बना?
जवाब- पेपर के लिए हमने क्वेश्चन बैंक बना रखा है, करवा लेते, लेकिन अब परीक्षा ही नहीं होगी।
सवाल - आरोप हैं कि भंडारी ने आपके नाम पर अभ्यर्थियों से डेढ़-डेढ़ लाख रु. लिए कि पेपर भी देंगे और परमानेंट करवाएंगे?
जवाब - हां, ऐसी बात मुझ तक पहुंची, लेकिन इसमें सचाई नहीं थी, इसलिए मैंने गंभीरता से नहीं लिया।