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मानसून से पहले नक्सलियों के खात्मे के लिए चलेगा ऑपरेशन ऑलआउट


झारखंड / मानसून से पहले नक्सलियों के खात्मे के लिए चलेगा ऑपरेशन ऑलआउट




  • ताकि नक्सली पहाड़ से उतर न सके, रसद के अभाव में उन्हें मजबूरन सरेंडर करना पड़े

रांची. बूढ़ा पहाड़ काे नक्सलियाें से मुक्त कराने के लिए पुलिस मानसून से पहले ऑपरेशन आलआउट शुरू करेगी। झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस संयुक्त रूप से यह अभियान चलाएगी। इस ऑपरेशन  में ड्राेन  सेटेलाइट का भी इस्तेमाल हाेगा। इसके लिए नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑपरेशन  और काे सूचना दे दी गई है। पुलिस के मुताबिक नक्सलियाें के खिलाफ यह अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन  हाेगा।
मानसून से पहले नक्सली रसद के लिए पहाड़ से नीचे उतरते हैं..
दरअसल, मानसून से पहले नक्सली दाे-तीन महीने के रसद का जुगाड़ करने के लिए पहाड़ से नीचे उतरते हैं। क्याेंकि बारिश में पहाड़ पर रसद ले जाना मुश्किल हाेता है। ऐसे में पुलिस की याेजना है कि इससे पहले ही ऑपरेशन शुरू कर दिया जाए। ताकि नक्सली पहाड़ से उतर न सके। रसद के अभाव में उन्हें मजबूरन सरेंडर करना पड़े। नक्सली रसद ले जाने के लिए ग्रामीण रास्ताें का उपयाेग करते हैं। पुलिस ने इन रास्तों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। 
ग्रामीणाें की भी मदद लेगी पुलिस 
नक्सलियाें के मूवमेंट से लेकर उन्हें सहयाेग पहुंचाने वालाें की सटीक सूचना के लिए पुलिस ग्रामीणों की मदद लेगी। पुलिस के मुताबिक लातेहार का कुमडीह गांव कभी नक्सलियाें का गढ़ माना जाता था। लेकिन ग्रामीणाें सहयाेग से ही नक्सलियाें पर अंकुश लगाया जा सका। 
मानसून पूर्व नक्सली करते हैं बड़ी वारदात 
पुलिस के मुताबिक मानसून से पहले नक्सली हर साल बड़ी वारदात काे अंजाम देने की काेशिश करते हैं। इसी दाैरान सुरक्षाबलाें पर भी बड़े हमले करते हैं। इसी काे ध्यान में रखकर यह समय चुना गया है। लाेकसभा चुनाव संपन्न हाेने के बाद झारखंड और छत्तीसगढ़ में तैनात सीआरपीएफ व काेबरा बटालियन के जवान अपने बेस कैंप लाैटेंगे। कुछ दिन उन्हें अाराम दिया जाएगा। फिर ओपरेशन शुरू हाेगा। 
पुल बनने से आसान हाेगा अभियान 
अभी जवानाें काे बूढ़ा पहाड़ तक पहुंचने के लिए बूढ़ा नदी पार करना पड़ता है। चूंकि अब बूढ़ा नदी पर पुल बन चुका है। इससे जवान आसानी से वहां तक पहुंच सकेंगे। उन्हें रसद और अन्य सामग्री भी आसानी से मिल सकेगी।