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"राइट टू हेल्थ -अनोखी पहल" हेल्थ रजिस्ट्रेशन नंबर से होगा मुफ्त इलाज, खर्च की कोई लिमिट नहीं


राइट टू हेल्थ - हेल्थ रजिस्ट्रेशन नंबर से होगा मुफ्त इलाज, खर्च की कोई लिमिट नहीं
  • छत्तीसगढ़ राइट टू हेल्थ लागू करने वाला पहला राज्य बनेगा
  • रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ मरीज को मिलेगी बुकलेट, सारी जानकारी शामिल होगी

कौशल स्वर्णबेर, रायपुर. राइट टू हेल्थ लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य बनेगा। प्रदेश सरकार आपको एक हेल्थ रजिस्ट्रेशन नंबर देगी, अब इसी से आपका मुफ्त इलाज होगा। नंबर के आधार पर मरीज किसी भी सरकारी अस्पताल में जाकर इलाज करवा सकेगा। रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ मरीज काे एक बुकलेट मिलेगी, इसमें उससे जुड़ी पूरी जानकारी होगी।
 कांग्रेस ने घोषणा पत्र में यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू करने की बात कही थी। प्रदेश में सरकार बनने के बाद इसे समझने के लिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव आैर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने थाईलैंड का दौरा भी किया था। दौरे के बाद इसे लागू करने पर विचार किया गया। अब सरकार ने इसे लागू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इसके लिए लगभग 50 लाख कार्ड तैयार हो चुके हैं। जल्द ही योजना का लाभ लोगों को मिलने लगेगा। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक अभी चल रहे स्मार्ट कार्ड को बंद किया जाएगा। इन स्मार्ट कार्ड का स्थान अब ये कार्ड ले लेंगे।
कार्ड तैयार हो रहे हैं, जल्द लागू करेंगे
 
लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हम राज्य के सभी लोगों को एक रजिस्ट्रेशन नंबर देने जा रहे हैं। इसके माध्यम से लोग कहीं भी जाकर इलाज करवा सकेंगे। कार्ड छप रहे हैं। हमारी कोशिश है जितनी जल्दी हो सके इसे लागू किया जाए। - टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
ऐसा होगा यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड : जब तक यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू नहीं होती तब तक मरीज इस कार्ड का उपयोग आयुष्मान आैर स्मार्ट कार्ड योजना के लिए कर सकेगा। स्मार्ट कार्ड का स्थान अब ये नए कार्ड ले लेंगे।
फैमिली आैर पर्सनल हिस्ट्री भी होगी : लोगों के लिए 16 पन्नों का हेल्थ कार्ड बनाया गया है इसमें मरीजों की फैमिली, पास्ट आैर पर्सनल हिस्ट्री भी तैयार की जाएगी। इसमें मरीजों के धूम्रपान, खानपान आैर व्यवहार के बारे में भी जानकारी होगी। इसमें मरीजों के फालोअप की जानकारी भी माैजूद रहेगी। 
खर्च सीमा निर्धारित नहीं : इलाज के खर्चे की कोई सीमा निर्धारित नहीं रहेगी। 10 रुपए की दवा से लेकर इलाज में 20 लाख रुपए तक के खर्च का वहन भी सरकार ही करेगी।
 
‘आयुष्मान’ पर विचार : इसके तहत बीमा कंपनी को 184 करोड़ रु. से अधिक दिए जाते हैं। यह बीपीएल या आरएसबीएय धारकों के लिए ही मान्य है। इसे लागू करने पर विचार होगा।

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