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मोदी की ऐसी आंधी क्यों? 8 कारण


लोकसभा चुनाव परिणामों से मोदी की आंधी साफ दिखाई दे रही है। कांग्रेस 44 से बढ़कर 50 तक आती दिखाई दे रही है। मतलब कुछ खास नहीं कर पाई। या ये कहें कि बहुत खराब प्रदर्शन रहा कांग्रेस का। प्रश्न-उत्तर में समझिए इन नतीजों को....

मोदी की ऐसी आंधी क्यों?

  1. राष्ट्रवाद खूब चला। चूंकि मोदी पर लोगों को विश्वास है, इसलिए राष्ट्रवाद को पंख लग गए।
  2. सिंधिया तो उनके क्षेत्र में कांग्रेस, भाजपा और बाकी सब चीजों से ऊपर हैं, वे क्यों हार रहे हैं?

    ये उनका अति आत्मविश्वास, थोड़ा एरोगेंस और चीजों को इग्नोर करने के स्वभाव के कारण हुआ है।
  3. बेगूसराय में कन्हैया कुमार क्यों हार गए और अमेठी में राहुल गांधी क्यों फंसे हुए हैं?

    बेगूसराय में नकारात्मक और सकारात्मक राष्ट्रवाद की लड़ाई थी। वहां भी गिरिराज सिंह नहीं, मोदी हावी रहे। जहां तक अमेठी का सवाल है, अब खानदानी सीटों के जमाने लद गए हैं। फिर राहुल और उनके सलाहकारों का डर कहिए या नासमझी, कि वे वायनाड चले गए। अमेठी की परवाह आप नहीं करेंगे तो वह आप की क्यों करेगी। उन्हें अमेठी पर भरोसा नहीं था, वही हुआ या हो रहा है।
  4. मप्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जहां हाल में भाजपा हारी थी, वहां क्या हो गया?

    विधानसभा में भाजपा हारी थी। लोकसभा में मोदी जीत गए। उनका राष्ट्रवाद जीत गया। लोगों का मोदी पर भरोसा ही उनकी ताकत है।
  5. राष्ट्रवाद इतना ही प्रभावी था तो केरल में कांग्रेस क्यों स्वीप कर रही है?

    क्योंकि वहां हिंदू कार्ड नहीं चलता। 
  6. उप्र में प्रियंका गांधी का जादू क्यों नहीं चला?

    दरअसल, राहुल को आगे रखने के चक्कर में कांग्रेस या उसका नेतृत्व प्रियंका गांधी को लॉन्च करने में लेट हो गया। जहां तक उप्र का सवाल है, वहां बड़ी चतुराई से भाजपा ने सपा-बसपा के साथ कांग्रेस को जुड़ने नहीं दिया। कांग्रेस वहां वोट कटवा साबित हुई जिसका फायदा भाजपा को मिला और सपा-बसपा गठबंधन को वह नहीं मिल पाया, जिसकी उसे उम्मीद थी। राष्ट्रवाद के सामने प्रियंका का चेहरा भी फीका साबित हो गया। मोदी के खिलाफ राहुल, प्रियंका का बेजा एग्रेशन भी कांग्रेस को महंगा पड़ा। इनमें मोदी के खिलाफ कुछ निजी टिप्पणियां भी थीं।
  7. प. बंगाल और उड़ीसा में फर्क क्यों?

    प. बंगाल में मोदी और अमित शाह पर निजी हमले हुए। भाजपा की रैली नहीं होने देना, उनके हेलिकॉप्टर नहीं उतरने देना, सब कुछ बेहद नकारात्मक रहा इसलिए वहां भाजपा अप्रत्याशित रूप से 18 सीटों पर आगे है। दूसरी तरफ नवीन पटनायक ने कोई नकारात्मक बात नहीं की। उल्टे मोदी ने वहां नवीन की तारीफ की थी। नतीजा देख लीजिए - पटनायक उड़ीसा में सरकार बना रहे हैं और 14 लोकसभा सीटों पर भी आगे हैं।
  8. अब आगे क्या होगा?

    कांग्रेस का उठ पाना अब मुश्किल लग रहा है। कुछ राज्य सरकारों पर गाज गिर सकती है। इन पांच सालों में मोदी सरकार जमकर काम करेगी।