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मोदी सरकार-2 / मंत्रिमंडल 5 मानकों पर बनेगा, 25% महिलाएं और 40% विशेषज्ञ होंगे


मोदी सरकार-2 / मंत्रिमंडल 5 मानकों पर बनेगा, 25% महिलाएं और 40% विशेषज्ञ होंगे

  • मोदी की नई कैबिनेट में युवा, महिला, प्रोफेशनल और टेक्नोक्रेट शामिल 
  • मंत्रिमंडल में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं को बराबर जगह दी जाएगी 

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को शपथ लेने के साथ अपनी दूसरी पारी शुरू करेंगे। इससे पहले उनके नए मंत्रिमंडल को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, संसद के सेंट्रल हॉल में मोदी ने अपने भाषण में यह स्पष्ट कर दिया कि मंत्रियों के नामों के बारे में अटकलें लगाना फिजूल है। नई कैबिनेट का गठन तय मानकों पर ही होगा। इसमें 25% महिलाएं और 40% विशेषज्ञ हो सकते हैं।
सरकार नारा के सिद्धांत पर चलेगी  
प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर नजदीकी नजर रखने वाले वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि 5 साल में कैबिनेट में 4 बार ही बदलाव हुए। इससे साफ है कि मोदी अपने मंत्रिमंडल को एक गुलदस्ते की तरह सजाते हैं। मोदी सरकार 'एनएआरए' यानी नारा के सिद्धांत पर चलेगी। इसमें नेशनल एम्बिशंस और रीजनल एस्पिरेशंस का संतुलन साधा जाएगा।
 
पुराना फॉर्मूला: मोदी मंत्रिमंडल में पहले जिन मानकों को शामिल करते रहे हैं, उनमें वे प्रोफेशनलिज्म, महिला प्रतिनिधित्व, जातीय गणित, शहरी-ग्रामीण तालमेल, विशेषज्ञता, एससी-एसटी प्रतिनिधित्व और घटक दलों की सीटें, युवा एवं वरिष्ठता को प्रमुख तौर ध्यान रखते हैं।
1. पहले 5 बड़े मानक: सीसीएस के 4 बड़े मानक हैं-वरिष्ठता, विशेषता, वफादारी और महिला प्रतिनिधित्व। इस बार भी सीसीएस में पहले कैबिनेट गठन में एक और दूसरे गठन में दो महिलाओं को स्थान मिल सकता है। पहले शपथ में 40 मंत्री बन सकते हैं। 
2. मंत्रालय का फॉर्मूला: 5 शीर्ष मंत्रियों के अलावा प्रमुख 32 मंत्रालयों की जिम्मेदारी जिन्हें सौंपी जाएगी, उनमें 20 से 25% महिलाएं, 40% विशेषज्ञ, पॉलिसी प्लानिंग एक्सपर्ट्स, टेक्नोक्रेट और प्रशासक शामिल होंगे। 
3. घटकों का हिस्सा: पिछली सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक-एक पद घटक दलों को दिए गए थे, जिनमें शिवसेना, तेलुगु देशम, अकाली दल और एलजीपी शामिल थी। इस बार गठबंधन से टीडीपी नहीं है और जेडीयू, अन्नाद्रमुक ने उसका स्थान ले लिया है। 
4. पूरब को तरजीह: उत्तर प्रदेश ने महागठबंधन को किनारे रखते हुए भाजपा को 62 सीटें दी और बिहार ने 39 सीटे एनडीए को दीं। 101 सीटों वाले इन दो प्रदेशों को मंत्रिमंडल में बड़ा शेयर मिलेगा। बंगाल के 18 सांसदों में से कम से कम 4 मंत्रिमंडल में आ सकते हैं। 
5. जहां चुना

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