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एनालिसिस / मोदी की 142 रैलियों से भाजपा 111 सीटों पर जीत के करीब; राहुल ने 129 सभाएं कीं, कांग्रेस को सिर्फ 16 सीटों पर फायदा


एनालिसिस / मोदी की 142 रैलियों से भाजपा 111 सीटों पर जीत के करीब; राहुल ने 129 सभाएं कीं, कांग्रेस को सिर्फ 16 सीटों पर फायदा

  • मोदी ने 28 मार्च से प्रचार अभियान शुरू किया, राहुल ने 11 मार्च से ही प्रचार शुरू कर दिया था
  • राहुल की रैलियों से कांग्रेस को मप्र-राजस्थान में कोई फायदा नहीं

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए 50 दिन में 142 रैलियां और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 67 दिन में 129 रैलियां कीं। मोदी ने सबसे ज्यादा 31 रैलियां उत्तरप्रदेश और 17 रैलियां पश्चिम बंगाल में कीं। राहुल ने मध्यप्रदेश में 18 और उत्तरप्रदेश में 17 रैलियों को संबोधित किया। मोदी ने रैलियों के जरिए जिन सीटों को कवर किया, उनमें से 111 सीटों पर भाजपा जीत के करीब है। पिछली बार भाजपा ने इनमें से 92 सीटें जीती थीं। राहुल ने इस बार 129 रैलियों के जरिए जिन 120 सीटों को कवर किया, उनमें से कांग्रेस सिर्फ 16 सीटों पर आगे है। पिछली बार कांग्रेस ने इन 120 में से से 22 सीटें जीती थीं। 
मोदी ने 5 राज्यों में 75 रैलियां कीं, वहां भाजपा 49 सीटों पर आगे
मोदी ने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल में 75 रैलियां कीं। इन पांचों राज्यों में भाजपा 49 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि, राहुल ने जिन 5 राज्य- मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, केरल और कर्नाटक में 64 रैलियां कीं और कांग्रेस यहां पर 10 सीटों पर ही आगे चल रही है।
इन 5 राज्यों में मोदी ने सबसे ज्यादा रैलियां कीं, इनमें से पिछली बार भाजपा ने 54 सीटें जीती थीं
राज्य
कितनी सीटों पर रैलियां
2014 में भाजपा ने कितनी सीटें जीतीं
2019 में भाजपा कितनी सीटों पर आगे
उप्र
31
26
18
बंगाल
17
2
10
मप्र
10
10
10
बिहार
9
6
6
राजस्थान
8
8
8
इन 5 राज्यों में राहुल ने सबसे ज्यादा रैलियां कीं, इनमें से पिछली बार कांग्रेस ने 14 सीटें जीती थीं
राज्य
कितनी सीटों पर रैलियां
2014 में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?
2019 में कांग्रेस कितनी सीटों पर आगे
मप्र
18
0
0
उप्र
17
2
1
राजस्थान
12
0
0
केरल
10
5
6
कर्नाटक
8
6
1
मोदी ने 27 राज्य, राहुल ने 26 राज्य कवर किए
10 मार्च को आचार संहिता लागू होने के अगले ही दिन 11 मार्च से राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। राहुल ने दिल्ली से प्रचार शुरू किया और आखिरी रैली हिमाचल प्रदेश के शिमला में की। राहुल ने 67 दिनों में 1,23,466 किमी का सफर तय किया और 26 राज्य कवर किए। मोदी ने 28 मार्च से मेरठ से प्रचार शुरू किया और आखिरी रैली 17 मई को मध्यप्रदेश के खरगोन में की। इस दौरान मोदी ने 27 राज्यों को कवर किया और 1,33,329 किमी का सफर तय किया। 
मोदी का फोकस उत्तर प्रदेश-बंगाल पर
मोदी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान सबसे ज्यादा 31 रैलियां उत्तर प्रदेश में कीं। ऐसा इसलिए क्योंकि 2014 के चुनाव में भाजपा गठबंधन ने यहां की 80 में से 73 सीटें जीती थीं। खुद प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे। उत्तर प्रदेश के बाद मोदी ने पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 17 रैलियां कीं। इसका कारण यह है कि इस बार भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 23 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था।
राहुल ने उप्र के साथ-साथ मप्र-राजस्थान में ज्यादा रैलियां कीं
राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 18 रैलियां कीं। कांग्रेस ने यहां 15 साल बाद सत्ता में वापसी की है। पिछली बार के आम चुनाव में कांग्रेस यहां से सिर्फ दो सीट- गुना और छिंदवाड़ा ही जीत पाई थी। इस बार प्रदेश में सरकार बनने पर कांग्रेस को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। राहुल ने उत्तरप्रदेश में 12 रैलियां कीं। इनमें से दो-दो बार अमेठी और रायबरेली में रैली की। अमेठी से खुद राहुल, जबकि रायबरेली से उनकी मां सोनिया गांधी ने चुनाव लड़ा। इन दो राज्यों के अलावा राहुल ने राजस्थान में भी 12 रैलियां कीं और इसका कारण भी यही है कि हाल ही में यहां पर कांग्रेस की सरकार बनी है। पिछली बार के आम चुनाव में कांग्रेस यहां से एक भी सीट नहीं जीत पाई थी।
मोदी ने 2014 में 140 सीटों पर रैलियां की थीं, भाजपा इनमें से 92 सीटें जीती थी
  • मोदी ने 2014 में 140 लोकसभा सीटों को रैलियों के जरिए कवर किया था। इसमें से भाजपा ने 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें से 66 नई सीटें भाजपा ने जीती थीं, जबकि वह अपनी 26 पुरानी सीटें बचाने में कामयाब रही थी। मोदी ने जहां रैलियां की थीं, वहां कांग्रेस सिर्फ 9 सीटें ही जीत पाई थी।
  • राहुल गांधी ने 2014 में 105 लोकसभा सीटों पर रैलियां की थीं। इसमें से कांग्रेस सिर्फ 20 सीटें ही जीत पाई थी, जबकि भाजपा ने वहां 64 सीटें जीत ली थीं।