submit your Url to cotid.org tto improve marketing This site is listed under Internet Directory गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER - THANKS INDIA NEWS

Breaking News

गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER


गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया | PILIYA| JUNDICE :- पीलिया एक प्रकार का वायरल रोग है जो वायरल हैपेटाइटिस या जोन्डिस नाम से भी जाना जाता है, यह रोग सूक्ष्म विषाणु जनित रोग है. इसके शुरूआत में रोग धीमी गति से व मामूली  रूप से लक्षण दिखाई देते है,  लेकिन जब ये रोग उग्ररूप धारण करता  है तब रोगी की आंखे और नाखून पीले दिखाई देते है जिस कारण इस रोग को पीलिया कहते है. गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया रोग का रोग कारक|PILIYA ROG KA ROG KARAK| Jaundice syndrome :-

पीलिया वायरस से होता है, मुख्‍यतः पीलिया तीन प्रकार के वायरस से होता वायरस हैपेटाइटिस ए, वायरल हैपेटाइटिस बी तथा वायरल हैपेटाइटिस नान ए व नान बी। गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया रोग का प्रचार कैसे होता है या कैसे फैलता है|PILIYA ROG KA PRACHAAR KAISE HOTA HAI YA KAISE FAILTA HAI| How does the prognosis of jaundice or how it spreads:-

पीलिया रोग ज्यादातर कम व्यक्तिगत सफाई वाली लोगो और वातावरणीय सफाई पर कम ध्यान या बिलकुल ध्यान नही देने वाले स्थाने में अधिक फैलता है, अस्वच्छ वातावरण वाले भीड़ भाड वाले क्षेत्रो में  ज्यादा होता है. वायरल हैपटाइटिस बी वालो पीलिया तो किसी भी मौसम में हो सकता है। वायरल हैपटाइटिस ए तथा नान ए व नान बी एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति के नजदीकी सम्‍पर्क से भी होता है। ये वायरस रोगी के मल में होतें है, पीलिया रोग से पीडित व्‍यक्ति के मल से,  दूषित जल,  दूध अथवा भोजन द्वारा इसका प्रसार या फैलता है।
कभी कभी रोगियों की आंख, नाखून या शरीर आदि पीले नही दिखाई दे रहे हों तो लेकिन यदि वे इस रोग से ग्रस्‍त हो तो अन्‍य रोगियो की तरह ही पीलिया रोग को फैला सकते हैं.
वायरल हैपटाइटिस बी रक्त व रक्त से निर्मित प्रदार्थो के आदान प्रदान एवं यौन क्रिया द्वारा फैलता है। इसमें पीलिया ग्रस्त व्यक्ति जिस व्‍यक्ति को रक्त हो देता है उसे भी रोगी बना देता है। यहॉं रक्त देने वाला रोगी व्यक्ति रोग वाहक हों जाता है। बिना उबाली सुई और सिरेंज से इन्‍जेक्‍शन लगाने पर भी पीलिया रोग फैल सकता है.
पीलिया रोग से ग्रस्‍त व्‍यक्ति वायरस,  निरोग मनुष्‍य के शरीर में प्रत्‍यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से फैलता है, प्रत्यक्ष रूप से अंगुलियों द्वारा और अप्रत्‍यक्ष रूप से रोगी के मल से या मक्खियों द्वारा पहूंचता हैं। इससे स्‍वस्‍थ्‍य व्यक्ति भी रोग ग्रस्‍त हो जाता है. गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया रोग कहॉ और कब? | PILIYA ROG KAHAAN OR KAB ?|Where do jaundice and when? :-

पीलिया के प्रकार ए तथा नान ए व नान बी पीलिया पुरे विश्व में पाया जाता है। भारत पीलिया रोग महामरी के रूप में फैलने की बहुत सी घटनाये प्रकाश में भी आई है. हालांकि पीलिया रोग वर्ष में कभी भी हो सकता है लेकिन अगस्‍त, सितम्‍बर व अक्‍टूबर महिनों में लोग इस रोग के अधिक ग्रसित होते हैं। सर्दी की शुरूआत के साथ ही इसके प्रसार में भी भरी कमी आ जाती है।

 पीलिया रोग के लक्षण | PILIYA ROG KE LAKSHAN | Symptoms of jaundice :-

पीलिया रोग सक्रमण लगाने के बाद, ए प्रकार के पीलिया और नान ए व नान बी तरह के पीलिया रोग तीन से छः सप्‍ताह के बाद ही रोग के लक्षण प्रकट होने लगते है.
बी प्रकार के पीलिया (वायरल हैपेटाइटिस) के रोग की सक्रमण के छः सप्‍ताह बाद ही रोग के लक्षण प्रकट होने लगते है.

पीलिया के कारण है|PILIYA KE KAARAN| The cause of jaundice is:-

             रोग ग्रस्त रोगी को बुखार रहना.
             भूख न लगना.
             तेलिय भोजन में अरूचि.
             जी मिचलाना और उल्टियॉं होना.
             सिर में दर्द रहना.
             सिर में दाहिने तरफवाले भाग में दर्द रहना.
             आंख और नाखून का रंग पीला होना.
             पेशाब पीलेपन के साथ पीला आना.
             अत्‍यधिक थकन और कमजोरी महसूस करना.
गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER
                                                                 

पीलिया रोग किसे उम्र के व्यक्ति को हो सकता है? |PILIYA ROG KIS UMRA KE VYAKTI KO HO SAKTA HAI ?| Who can get jaundice from a person?

यह रोग हर उम्र की अवस्‍था के व्‍यक्ति को हो सकता है। लेकिन इस रोग की उग्रता रोग की अवस्‍था पर बहुत निर्भर करती है. गर्भवती महिलाओ पर इस रोग के लक्षण बहुत ही उग्र होते हैं, गर्भवती महिलाओ को यह ज्यादा समय तक कष्‍ट देता है. इसी प्रकार नवजात शिशुओं में भी यह बहुत उग्र प्रभाव होता है तथा ये नवजात में जानलेवा भी हो सकता है।
बी प्रकार का वायरल हैपेटाइटिस व्‍यावसायिक रक्त देने वाले व्‍यक्तियों से रक्त प्राप्‍त करने वाले व्‍यक्तियों को और मादक दवाओं का सेवन करने वाले तथा अनजान व्‍यक्ति से यौन सम्‍बन्‍धों द्वारा लोगों को ज्‍यादातर होता है. गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया रोग की जटिलताऍं |PILIYA ROG KI JATILTAYE |Complications of jaundice: -

सामान्यतया पीलिया रोग का आक्रमण कम ही होता है, लेकिन कभी-कभी रोग की भीषणता के कारण कठिन लीवर (यकृत) दोष पैदा हो जाता है.
पीलिया का बी प्रकार (वायरल हैपेटाइटिस) ज्‍यादा गम्‍भीर होता है साथ ही इसमें जटिलताएं अधिक होती है. इसकी मृत्‍यु दर भी अधिक रहती है. गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया का उपचार| PILIYE KA UPCHAR | Treatment of jaundice :-

             शीघ्र ही डॉक्‍टर के पास जाकर पीलिया रोग के बारे में परामर्श लेना चाहिये.
             रोगी को घूमना फिरना नही चाहिए और पूरा बेड रेस्ट लेना चाहिए.
             लगातार रोग की डाक्टर परामर्च अनुसार जॉंच कराते रहना चाहिए.
      भोजन में प्रोटिन और कार्बोज वाले प्रदार्थो का सेवन करना चाहिये.
             रस वाले फलो का सेवन करे ये गुणकारी होते है जैसे निम्बू, संतरा आदि.
             वसा युक्‍त गरिष्‍ठ भोजन का सेवन नही करे इसमें ये हानिकारक है।
             शकरकंदी,  चीनी,  ग्‍लूकोज,  गुड, चॉवल,  दलिया,  खिचडी,  थूली,  उबले आलू,    चीकू,  पपीता,  छाछ,  मूली आदि कार्बोहाडेट वाले प्रदार्थ हैं इनका सेवन करना चाहिये.
गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया रोग का रोकथाम एवं बचाव| PILIYE ROG KA RAKTHAM |Prevention and prevention of jaundice :-

पीलिया रोग के बचने के लिये कुछ साधारण बातों का ध्‍यान रखना जरूरी हैः-
             खाना बनाने और खाना परोसने के समय हाथ को अच्छी तरह से धोना चाहिए, भोजन करने से पहले और बाद में हाथ की साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए. जहा तक हों सके शौचालय में ही शौच जाए और शौच जाने  के बाद में हाथ साबुन से अच्‍छी तरह धोना चाहिए.

             भोजन ढक कर रखना चाहिये, ताकि मक्खियों और धूल से बचाया जा सकें।
             दूध और पानी  को उबाल कर काम में लें तथा भोजन ताजा गर्म ही सेवन करे.
             ग्रामीण क्षेत्रो में पीने के लिये पानी नल, हैण्‍डपम्‍प या आदर्श कुओं को ही काम में लें तथा मल, मूत्र, कूडा करकट सही स्‍थान पर गढ्ढा खोदकर दबाना या फिर जला देना चाहिये.
             गंदे, सडे, गले व कटे हुये फल नहीं खाए तथा धूल पडी या मक्खियॉं बैठी मिठाईयॉं का भी सेवन नहीं करें।
             स्‍वच्‍छ शौचालय का ही प्रयोग करें यदि शौचालय में शौच नहीं जाकर बाहर ही जाना पडे तो आवासीय बस्‍ती से दूर ही जायें तथा शौच के बाद मिट्टी डाल दें।
             रोगी बच्‍चों को डॉक्‍टर जब तक यह न बता दें कि ये रोग मुक्‍त हो चूके है स्‍कूल या बाहरी नहीं जाने दे चाहिए।
             अगर पुराने को इन्‍जेक्‍शन लगाते समय सिरेन्‍ज व सूई को 20 मिनट तक उबाल कर ही काम में लें अन्‍यथा ये रोग फैल सकता है.
             खून देने वाले व्‍यक्तियों की पूरी तरह जॉंच करने से बी प्रकार के पीलिया रोग के रोगवाहक का पता लग सकता है।
             अजनबी व्‍यक्ति से यौन सम्‍पर्क से भी बी प्रकार का पीलिया हो सकता है.
गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER

पीलिया को रोकने के लिए इन बातो पर भी विशेष ध्‍यान दें | PILIYE KO ROKANE KE LIYE IN BAATO PR BHI VISHESH DHAYAN DE| Also, pay special attention to these things to stop jaundice :-

आपके क्षेत्र में किसी परिवार में रोग के लक्षण वाला व्‍यक्ति हो तो उसे  तुरंत डॉक्‍टर के पास जाने की सलाह दें।
क्षेत्र में व्‍यक्तिगत सफाई और वातावरणीय स्‍वच्‍छता के बारे में लोगो तथा पंचायत आदि से कूडा, कचरा, मल, मूत्र आदि के निष्‍कासन का इन्‍तजाम कराने का प्रयास करें.
रोगी की देखभाल ठीक हो, ऐसा परिवार के सदस्‍यों को समझायें रोग के बारे में जानकारी दे जिससे रोग दुसरे लोगो में ना फैले.
रोगी की देखभाल और सेवा करने वाले को समझायें कि हाथ अच्‍छी तरह धोकर ही सब काम करें।
गर्मी के मौसम में आपको भी हों सकता है पीलिया | GARMI KE MAUSAM ME AAPKO BHI HO SAKTA HAI PILIYA | YOU MAY ALSO HAVE JUNDICE DURING THE SUMMER